लिवर(Liver)





लिवर(Liver)



लिवर के बारे में (About Liver)

लिवर यानी यकृत (Liver) शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि है। डेढ़ किलोग्राम का लिवर हमारे ऊपरी उदर के दाईं ओर स्थित होता है। यह पेट की रसायन प्रयोगशाला है और पाचन में सहायक कई तरह के रस बनाता है।

लिवर कार्बोहाइड्रेट्स (Carbohydrates) को ग्लाइकोजन के रूप में जमा करके रखता है और जब भी जरूरत होती है यह तुरंत ही इसे ग्लूकोज के रूप में स्त्रावित (Release) कर देता है। हमारे द्वारा लिए गए  नुकसाननदायक पदार्थों को लिवर निष्क्रिय कर देता है और प्रोटीन पैदा करता है जो हमें संक्रमण और रक्तस्त्राव से बचाता है।

अनुमानतः देश में हर साल लगभग दो लाख लोग लिवर की बीमारियों से दम तोड़ देते हैं और इनमें से अधिकतर को स्वच्छ पेयजल, नकली दवाओं के सेवन से बचकर, सही खान-पान का अनुकरण करके और एल्कोहल की मात्रा कम करने जैसे साधारण उपायों से बचाया जा सकता है।

लिवर से सम्बंधित रोग (Liver Related Disease)

लिवर से संबंधित समस्याएं (Problems related to Liver)

वायरल हैपेटाइटिस (Viral Hepatitis)

यह पांच प्रकार के होते हैं जिसे A,B,C,D, E  कहते हैं। इसमें से A और E को आम भाषा में जोडिंस और पीलिया कहा जाता है। यह कीटाणु युक्त पानी पीने से होता है। इसके लक्षण उल्टी, दस्त, तेज बुखार, शरीर का पीला पड़ना आदि है।

B और C को इनफैक्शन के नाम से जाना जाता है इसका लिवर पर गहरा प्रभाव पडता है। यदि इसके लक्षण 6 या सात महीने में सामने आते हैं तो इसमें लिवर के फेल होने का खतरा रहता है। इसे क्रोनिक हेपेटाइटिस कहते है

ऑटोइम्यून डिस्ऑर्डर (Autoimmune Disorder)

यह रोग अधिकतर महिलाओं में पाया जाता है। इस रोग शरीर का तंत्रिका तंत्र शरीर की कोशिकाओं व उतकों को नुकसान पहुंचाने लगता है। इस रोग के दौरान लीवर पर भी असर पड़ता है और लीवर का कार्य-क्षमता घटती है।

लिवर से जुड़े रोग

लिवर की देखभाल (Liver Care)

लिवर की देखभाल (Care for Liver)

लिवर के मामले में इलाज से बेहतर बचाव है। इसलिए आवश्यक है कि स्वस्थ लिवर के लिए जीवनशैली और खान-पान का ध्यान रखना आवश्यक है।

स्वस्थ लिवर के लिए जीवनशैली (Lifestyle for Healthy Liver)

  • सिगरेट और शराब का ज्यादा मात्रा में सेवन करने से लिवर सिरोसिस जैसे गंभीर रोग होने का खतरा रहता है, इसलिए इनका सेवन कम करें।
  • 6 घंटे से कम की नींद लेने से शरीर का मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है और लिवर से जुड़े रोगों का खतरा बढ़ जाता है।
  • सही दिनचर्या का पालन न करना, देर से उठना और देर से सोना भी लिवर को प्रभावित करते हैं।
  • तनाव से भी लिवर की कार्य क्षमता प्रभावित होती है जिसका सीधा प्रभाव पाचन प्रक्रिया पर होता है।

स्वस्थ लिवर के लिए खान पान (Diet for Healthy Liver)

  • पर्याप्त मात्रा में ताजे फल और हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन।
  • ढेर सारा पानी (उबला हुआ या बोतलबंद), फलों का जूस।
  • अत्यधिक तले हुए भोजन से बचने की कोशिश करें।
  • भूख बढ़ाने वाले पदार्थों का प्रयोग करें-7 इंच के आकार की प्लेट का प्रयोग करें. यह मात्रा को नियंत्रित करता है।
  • फलों का जूस, सब्जियों के सूप या छांछ का सेवन करें।
  • भोजन तब ही करें जब आपको भूख लगे और अपनी क्षमता से आधा भोजन ही करें।
  • सब्जियों के दो स्त्रोतों में वसा और तेल की मात्रा 10 फीसदी से अधिक नहीं होनी चाहिएः मूंगफली, जैतून, सरसों, चावल की भूसी और जिंजली ऑयल्स (मक्खन, घी या ट्रांस फैट बिल्कुल नहीं लेने चाहिए)।
  • गुड़, शहद से चीनी 10 फीसदी (टेबल शुगर से बचना चाहिए); नमक (आयोडाइज्‍ड) 5 ग्राम प्रतिदिन।
  • सुबह खाली पेट एक बड़ा गिलास गुनगुना नींबू पानी पिएं। इससे लिवर तो साफ होगा ही, पाचन भी सुधरेगा।
  • खाना बनाने में चुटकी भर हल्दी का इस्तेमाल भी फायदेमंद है। हल्दी लिवर के इन्फेक्शन को ठीक करती है।
  • रोज 6-7 लहसुन की कलियां लें यह लीवर को साफ करता है।

स्वस्थ लिवर के लिए व्यायाम (Exercises for Healthy Liver)

  • ऐसी एक्सरसाइज करें, जिससे पसीना निकले। पसीना निकलने से शरीर की सफाई होती है। ऐसा होने से लिवर पर जोर कम पड़ता है।
  • जॉगिंग, साइकलिंग, आउटडोर गेम्स या खास एक्सरसाइज चुनें।
  • अर्धमत्स्येंद्रासन, मलासन, अधोमुख आसन स्वस्थ लिवर के लिए अच्छे होते है|

लिवर संबंधित युक्तियां (Tips For Liver)

लिवर को स्वस्थ के लिए टिप्स (Tips for Healthy Liver)

  • लिवर से जुड़ी अधिकतर बीमारियां गंदा पानी पीने के कारण होती हैं। इससे बचने के लिए हमें पानी की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
  • शराब पीने वालों में भी लिवर की बीमारियां अधिक देखी जाती है जिससे लिवर में सिकुड़न आ जाता है। इससे बचने के लिए यदि संभव हो तो शराब का सेवन बंद कर दें।
  • व्यक्ति के खाने पीने का भी सीधा असर लिवर पर पड़ता है इसलिए खाने अधिक तली हुई चीजों का सेवन न करें।
  • रोज प्रातः उठकर जितना संभव हो उतना पानी पिये तथा खुली हवा में टहलने जाए।
  • भोजन में अधिक से अधिक मात्रा में हरी सब्जियां तथा जूस का इस्तेमाल करना चाहिए।




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