उबकाई (Nausea)




उबकाई (Nausea)



उबकाई आना उल्टी होने का एहसास मात्र है। कुछ लोगों को मितली ज्यादा आती है। विशेषकर यात्रा के समय कुछ लोगों को उबकाई की समस्या होती है।

इसे मोशन सिक्नेस (Motion Sickness) भी कहते हैं। यह गाडी से यात्रा के दौरान या या नाव से यात्रा के दौरान (Sea Sickness) विशेष रूप से महसूस किया जाता है।

उबकाई के लक्षण

उबकाई के कारण (Nausea Causes)

यात्रा के दौरान मितली आना बेहद सामान्य बात है लेकिन कई वजहों से यह अगर लगातार आए तो एक समस्या हो सकती है।  मितली निम्न कारणों से भी आती है:

मितली और उल्टी के सामान्य कारण (Reason of Nausea)

  • ऐंटी बायोटिक (Anti Biotic) दवाईयों के कारण अक्सर पेट में गड़बड़ी हो जाती है जो मितली या उल्टी का कारण बन जाता है।
  • कुछ लोगों को यात्रा के दौरान मितली, उल्टी का अनुभव होता है। इसके लिये इसकी दवॉंए आधा घंटा पूर्व लेकर ही चले।
  • बदहजमी से, अम्लता (Acidity), शराब आदि से भी मितली की समस्या हो सकती है।
  • गर्भावस्था में पहले तिमाही में मितली या उल्टी की समस्या (nausea during pregnancy) होती है। यह अपने आप रुक जाती है। मितली और उल्टी की समस्या गर्भधारण के समय शरीर में हार्मोनल बदलाव के कारण होता है। शरीर में विटामिन बी6 की कमी से भी गर्भवती महिला को उल्टी होने की समस्या हो सकती है।
  • फूड एलर्जी और फूड असहिष्णुता (Food Intolerance)
  • माइग्रेन में सिर के भीतर किसी भी प्रकार के दबाव से सेरीब्रो-स्पाइनल फ्लूइड (Cerebro-Spinal Fluid) प्रभावित होता है जिसके कारण मितली या उल्टी की समस्या उत्पन्न होती है।
  • पित्ताशय (Gall Bladder) और पाचक ग्रंथि (Pancreas) में सूजन होने पर पेट के ऊपरी भाग में दर्द होता है और मितली और उल्टी होने लगती है।
  • कभी कभी ऍक्सिडेंट या गंदगी बदबू के कारण भी मितली आ सकती है।
  • तनाव, भय और बेचैनी के कारण शरीर की क्रिया में असंतुलन पैदा हो जाता है, जो पेट में गड़बड़ी का कारण बन जाता है। जिसके फलस्वरूप मितली, उल्टी, दस्त, कब्ज आदि समस्याएं होने लगती हैं।

सामान्य उपचार

यात्रा के दौरान मितली से बचने का सबसे उपयोगी तरीका होता है थोड़ा-थोड़ा खाना खायें। इसके अलावा कुछ अन्य उपाय निम्न है:

मितली आने पर क्या करें (Treatment of Nausea)

  • गर्भवती महिलायें को जिन महक वाली वाले चीजों से मतली हो रही हैं उनको न खायें।
  • थोड़े-थोड़े मात्रा में खायें।
  • दो मील के बीच में ठंडा पेय, जल पीयें।
  • उलटी करने का प्रयास करें। उलटी करने पर आराम मिलेगा होगा ।
  • आप जहाँ भी हो ताजा हवा आनी चाहिए।
  • ढीला-ढाला कपड़ा पहने।
  • ज़रूरत से ज़्यादा पानी नहीं पीना चाहिए।
  • अगर स्थिति गंभिर हो जाय तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए|




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